वाराणसी, अक्टूबर 12 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संस्कृति विभाग की महत्वाकांक्षी योजना सुर साधना में काव्य से अर्चना का प्रथम अध्याय शनिवार को आरंभ हुआ। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के सहयोग से अस्सी स्थित मंच पर कवि सम्मेलन में स्थापित और उदीयमान दोनों ही रचनाकारों ने एक साथ मंच साझा किया। भोजपुरी के वरिष्ठ कवि झगड़ू भैया की अध्यक्षता और वरिष्ठ कवि नवल किशोर गुप्त के संचालन-संयोजन में हुए कवि सम्मेलन में रचनाकारों ने बेहतरीन काव्यपाठ किया। बतौर अध्यक्ष झगड़ू भैया ने भोजपुरी माटी की सुगंध बिखेरी। सिंदूर की महिमा पर केंद्रित गीत नारी जगत को समर्पित किया। काव्यपाठ की शुरुआत ओज की युवा हस्ताक्षर आकांक्षा बुंदेला से हुई। उन्होंने अपनी रचना से विशेष प्रशंसा बटोरी। प्रो. रचना शर्मा ने अपनी कविता से नवीन वातावरण का सृजन किया। हास्य रचनाकार एड.रुद्रनाथ...
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