नई दिल्ली। हिन्दुस्तान, जून 14 -- दिल्ली की एक अदालत ने सास और ननद को क्रूरता और दहेज हत्या के आरोपों से बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि दोनों ने अपने बचाव में साबित कर दिया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया था। एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान की अदालत दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा विवाहित महिला के प्रति क्रूरता) और 304बी (दहेज हत्या) के तहत एक मामले की सुनवाई कर रही थी। इस मामले में मृतका सुष्मिता की मां मीना ने एफआईआर दर्ज कराई थी। मीना ने आरोप लगाया था कि सास रेखा और ननद कंचन ने उसकी बेटी सुष्मिता उर्फ सोनम को दहेज के लिए प्रताड़ित किया था, जिसके कारण उसने 22 जुलाई 2022 को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि मां ने दहेज मांगने की शिकायत के संदर्भ में आरोपियों के खिलाफ गव...
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