वाराणसी, नवम्बर 26 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की ओर से आयोजित काव्यार्चन की 45वीं कड़ी मंगलवार को अस्सी घाट पर आयोजित हुई। इस सत्र में नगर के दो स्थापित रचनाकारों के साथ दो उदीयमान रचनाकारों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। शुरुआत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगूसराय से आईं उदीयमान रचनाकार प्रज्ञा वत्स ने 'जब जब धरती कांपी है दैत्यों के अत्याचार से...' रचना के माध्यम से आदिशक्ति दुर्गा की कथा और नारी के उत्कर्ष का बखान किया। युवा चिकित्सक दिव्यांशु पांडेय ने गजलों और हास्य रचनाओं से आनंदित किया। सोनभद्र के शायर कमल नयन त्रिपाठी ने भी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। संचालक डॉ. प्रताप शंकर दुबे ने 'सबने अपने गीत गजल में दर्द मोहब्बत प्यास लिखा...' सुनाया। अध्यक्षीय काव्यपाठ वरिष्ठ कवयित्री बीना त्रिपाठी ने किया। स्वागत प्रो. वत्सला...
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