फर्रुखाबाद कन्नौज, जनवरी 21 -- फर्रुखाबाद। सूबे की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि वैदिक संस्कृति के मूल्यों को समझकर उन्हें अपने आचरण में उतारने की जरूरत है। वैदिक परंपरा इसी समग्र शिक्षा की अवधारणा को प्रस्तुत करती है। गाय, गंगा और वैदिक संस्कृति विषय पर सांस्कृतिक पांडाल में आयोजित गोष्ठी में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि गाय और गंगा न केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं बल्कि भारतीय समाज की जीवन पद्धति, पर्यावरणीय संतुलन और नैतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती है। विशिष्ट अतिथि सौरभ मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति प्रकृति, मानव और समाज के बीच संतुलन स्थापित करने की शिक्षा देती है। महंत सत्यगिरि ने गंगा मां के सरंक्षण के लिए नागरिक बोध की आवश्यकता बतायी। उन्होंने पांचालघाट पर मां गंगा में बिना फिल्टर डाले जा रहे नालों पर...
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