नई दिल्ली, जनवरी 28 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वक्फ में अपंजीकृत संपत्तियों से जुड़े विवाद पर सिविल अदालतें विचार कर सकती हैं। यह भी कहा कि वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा-85 के तहत सिविल अदालतों का अधिकार क्षेत्र स्वत: समाप्त नहीं होता। वक्फ न्यायाधिकरणों का अधिकार क्षेत्र केवल उन संपत्तियों पर है जो 'वक्फ की सूची' में अधिसूचित हैं या वक्फ अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं। जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने वक्फ अधिनियम के तहत अपंजीकृत संपत्ति से संबंधित तेलंगाना हाईकोर्ट के एक फैसले को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि इसलिए, 1995 के अधिनियम की धारा-85 के तहत भी दीवानी अदालत के अधिकार क्षेत्र का कोई पूर्ण और सर्वव्यापी निष्कासन नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी संपत्ति को वक्फ मानने का अधिकार न्यायाधिकरण ...