इंदौर, जुलाई 3 -- बीती 27 जून को मध्य प्रदेश में बहुत बड़ा जाम लग गया। इंदौर-देवास रोड पर लगे इस जाम में 4 हजार से ज्यादा गाड़ियां फंस गई थीं। इस जाम में फंसने के कारण 3 लोगों की मौत हो गई। इस मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान एनएचएआई की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने जाम में फंसे लोगों पर ही सवाल खड़ा कर दिया। वकील ने कहा कि बिना काम के लोग घर से बाहर जल्दी निकलते ही क्यों हैं। वकील द्वारा कोर्ट में दिए गए इस बयान पर बवाल खड़ा हो गया। अब एनएचएआई ने वकील के इस बयान से किनारा करते हुए उसे नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
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