नई दिल्ली, फरवरी 12 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सभी राज्यों के लिए रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के गठन पर पुनर्विचार करने का यह सही समय है क्योंकि यह संस्था दागी बिल्डरों को सुविधा देने के अलावा कुछ नहीं कर रही। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि जिन लोगों के लिए 'रेरा' बनाया गया था, वे 'पूरी तरह से निराश और हताश' हैं। पीठ ने जोर देकर कहा कि अगर इस संस्था को समाप्त कर दिया जाए तो उसे कोई आपत्ति नहीं होगी। पीठ ने हिमाचल प्रदेश सरकार को 'रेरा' कार्यालय को अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरित करने की अनुमति देते हुए ये टिप्पणियां कीं। राज्य सरकार और अन्य द्वारा दायर याचिका पर पीठ ने नोटिस जारी किया। याचिका में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जो राज्य के 'रेरा' कार्यालय...