लखनऊ। सौरभ मिश्र, अक्टूबर 15 -- दृष्टिबाधित दिव्यांगों को अब चलने के लिए किसी के साथ या सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्मार्ट केन के सहारे वे कदम ताल करेंगे। स्मार्ट केन आने वाली रूकावट से पहले ही अलर्ट कर देगा। जिससे वो पहले ही संभल सकेंगे। किसी भी प्रकार की दुघर्टना व अनहोनी से खुद को बचा सकेंगे। उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि के दृष्टिबाधितार्थ विभाग के डॉ. विजय शंकर शर्मा ने बताया कि विवि में अधिक संख्या में छात्र स्मार्ट केन का इस्तेमाल करते हैं। पहले की सफेद छड़ी के मुकाबले स्मार्ट केन में कहीं ज्यादा बेहतर है। यह सफेद फोल्डेबल छड़ी है। लिहाजा इसे आसानी से मोड़ा जा सकता है। इसका इस्तेमाल दृष्टिहीन रास्ते में आने वाली बाधाओं, सीढ़ी, किनारों और जमीन की बनावट को पहचानने के लिए करते हैं। ताकि वे सुरक्षित...