वाराणसी, दिसम्बर 2 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। युवाओं की समस्याओं और शोध छात्र जीवन की जटिलताओं पर केंद्रित डॉ. नीरजा माधव के उपन्यास 'राइडिंग द टाइगर: शोध छात्र की डायरी' का विमोचन बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी और पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया। प्रो. इन्दीवर ने बीज वक्तव्य दिया। बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में मंगलवार को हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि शोध का समय छात्र के जीवन का निर्णायक चरण होता है, जहां उसके भविष्य की दिशा तय होती है। इसलिए शोधार्थियों और शिक्षकों दोनों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहना चाहिए। प्रो. इन्दीवर ने उपन्यास में दर्शाई गई युवा पीढ़ी की हताशा, कुंठा, आक्रोश, आत...