दरभंगा, मई 30 -- शहरी क्षेत्र में प्रैक्टिस कर रहे डॉ. आईक्यू उस्मानी, डॉ. आदिल अहमद, डॉ. मो. शाकिब मदनी आदि ने कहा कि यूनानी चिकित्सा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है। इस पद्धति के जरिए इलाज कराने से दवा का लोगों पर साइड इफेक्ट नहीं होता। उन्होंने कहा कि यूनानी पद्धति से इलाज के दौरान इस्तेमाल होने वाली दवा प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बनाई जाती है। बावजूद इसके सरकार इस पद्धति के विकास के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए है। डॉक्टरों ने कहा कि यूनानी के प्रति सरकार की उदासीनता को इसी बात से समझा जा सकता है कि बिहार में एकमात्र यूनानी हॉस्पिटल कॉलेज है। यदि सरकार इसकी संख्या बढ़ती है तो न केवल लोगों को यूनानी चिकित्सा पद्धति का लाभ मिलेगा बल्कि प्राइवेट कॉलेजों से शिक्षा हासिल करने वाले डॉक्टरों को भी बेहतर सेवा करने का मौका मिलेगा। शहर में प्रैक्टि...
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