संजय, नवम्बर 17 -- बिहार चुनाव को इस बार एनडीए ने माई (मुस्लिम और यादव) समीकरण को माई (महिला और युवा) से साध लिया। एनडीए को मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि बिहार ने इस बार माई की नई व्याख्या की है। अब माई का मतलब महिला और युवा है। पीएम के इस कथन को चुनाव परिणामों की कसौटी पर देखें तो साफ प्रतीत होता है कि इस बार महिलाओं और युवाओं ने एनडीए के पक्ष में जमकर मतदान किया। नए समीकरण ने बिहार विधानसभा के लिए चुनकर आए विधायकों के जातीय समीकरण को भी बदलकर रख दिया। 18वीं विधानसभा में इस बार चुनकर आए लगभग आधे विधायक पिछड़ा-अति पिछड़ा समुदाय से हैं। कुल 243 विधायकों में 83 पिछड़ा वर्ग से हैं, जबकि अतिपिछड़ा श्रेणी के 37 विधायक सदन पहुंचने में कामयाब हुए हैं। वहीं सवर्ण समाज के विधायकों की संख्या 72 है। वहीं आरक्षित सीटों...
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