नई दिल्ली, अक्टूबर 18 -- मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) की खस्ताहाल स्थिति, भीषण ट्रैफिक जाम और प्रशासनिक लापरवाही से त्रस्त होकर नायगांव-चिंचोटी-वसई क्षेत्र के 100 से अधिक ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामूहिक आत्महत्या की अनुमति मांगी है। शुक्रवार को नायगांव-चिंचोटी क्षेत्र के एनएच-48 से लगे गांवों- ससूनवघर, मळजपाडा, ससुपाडा, बोबतपाडा और पथरपाडा के सैकड़ों निवासियों ने राजमार्ग पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जो सफर पहले एक घंटे में पूरा होता था, अब उसी में पांच से छह घंटे लग रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीओ प्रतिनिधि सुशांत पाटिल ने कहा, "ऐसी जिंदगी जीने से अच्छा मर जाना है। बच्चे परीक्षा नहीं दे पा रहे, लोग फ्लाइट और ऑफिस समय पर नहीं पहुंच पा रहे, और बीमारों को अस्पताल ...
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