प्रयागराज, जनवरी 27 -- सीएमपी डिग्री कॉलेज में मंगलवार को कथाकार रणविजय सिंह 'सत्यकेतु' की ओर से संपादित काव्य-संकलन 'चेतना के दस द्वीप' पर परिचर्चा एवं कविता पाठ का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम संगत और आखर (साहित्यिक-सांस्कृतिक मंच) के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समकालीन कविता के प्रतिरोध, संवाद और समयबोध पर गहन विमर्श किया गया। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र पांडेय ने कहा कि यह संकलन प्रेम, प्रकृति, श्रमशील जीवन और प्रतिरोध के स्वर को एकसाथ प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण काव्य-उपक्रम है। डॉ. सुधांशु मालवीय ने कहा कि यह संकलन आज के कवियों के प्रतिरोधी स्वर को सहेजता है और साहित्य के लिए समय से संवाद को सबसे बड़ी शर्त बताया। इविवि के प्रो. आशुतोष पार्थेश्वर ने संकलन में इलाहाबाद, गंगा-जमुनी तहज़ीब और काव्य-चेतना की उपस्थिति को रेखांकित किया...
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