अल्मोड़ा, मई 23 -- जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान में अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया। वैज्ञानिकों ने प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र पर बढ़ते खतरों के बारे में बताया। कहा कि हमें प्रकृति को ध्यान में रखकर ही विकास कार्य करने की जरूरत है। जीबी पंत संस्थान में 'प्रकृति के साथ सामंजस्य और सतत् विकास थीम पर हुए कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. आशीष पांडेय ने संस्थान के क्रियान्वयन और जैव-विविधता संरक्षण के क्षेत्र में संस्थान की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बारे में बताया। डॉ. केएस कनवाल ने कहा कि सतत विकास तभी सम्भव है। जब विकास प्रकृति को ध्यान में रखकर किया जाय। डॉ. प्रभाकर जोशी ने जैव-विविधता संरक्षण के महत्त्व पर जोर दिया। वहीं, डॉ. रविंद्र जोशी ने प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र पर बढ़ते खतरों के बारे में बताया। कहा क...
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