नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) पॉश एक्ट के तहत दूसरे विभाग के कर्मचारी के खिलाफ भी शिकायत पर सुनवाई कर सकती है। जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और विजय बिश्नोई की पीठ ने कहा कि पॉश एक्ट की धारा 11 में इस्तेमाल किया गया वाक्यांश 'जहां प्रतिवादी एक कर्मचारी है', इसका मतलब यह नहीं निकाला जा सकता कि 'प्रतिवादी' के खिलाफ आईसीसी की कार्यवाही केवल 'प्रतिवादी' के कार्यस्थल पर गठित आईसीसी के सामने ही शुरू की जा सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर पीड़ित महिला के कार्यस्थल पर गठित आईसीसी पॉश एक्ट के तहत तथ्यों की जांच कर रही है, तो आरोपी का नियोक्ता, भले ही वह अलग डिपार्टमेंट से हो, उसे पॉश एक्ट की धारा-19(एफ) के तहत अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा और पीड़ित महिला के कार्यस्थल पर बनी आईसीसी के अ...