अल्मोड़ा, दिसम्बर 31 -- जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के ग्रामीण तकनीकी परिसर में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें पिरूल से बायो बिक्रेट तैयार करने के गुर सिखाए गए। इसके माध्यम से वनाग्नि पर रोक लगाने का भी आह्वान किया। द हंस फाउंडेशन के सहयोग से हुए प्रशिक्षण में संस्थान के निदेशक डॉ. आईडी भट्ट ने पिरूल से विभिन्न उत्पादों जैव ईंधन, हस्तनिर्मित कागज व आकर्षक कलाकृतियां तैयार करने के लिए संस्थान की ओर से विकसित तकनीकों की जानकारी दी। ग्रामीण तकनीकी परिसर के प्रभारी डॉ. ललित गिरी ने बताया कि संस्थान पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकों का विकास कर रहा है। तकनीकी सत्र में डीएस बिष्ट ने पिरूल से बायो-ब्रिकेट तैयार करने का प्रयोगात्मक प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, दूसरे दिन डॉ. देवेंद्...
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