भोपाल, अगस्त 10 -- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में भोपाल की एक अदालत द्वारा किरायेदार को बरी करने के फैसले को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने किरायेदार को अपने मकान मालिक को मूल किराया राशि की दोगुना रकम का भुगतान करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि देरी से कानूनी नोटिस मिलने को शिकायतकर्ता के खिलाफ नहीं माना जा सकता। द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस डीडी बंदल ने भोपाल निवासी जीडी नारंग द्वारा दायर एक याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिन्होंने शाहपुरा में रमेश कोठारी को एक डुप्लेक्स मकान किराए पर दिया था। रमेश कोठारी ने किराए के तौर पर 14,400 रुपये का एक चेक जारी किया था, जो बाउंस हो गया। मकान मालिक नारंग ने किरायेदार को एक कानूनी नोटिस भेजा और निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत शिकायत ...
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