रांची, मार्च 21 -- रांची, संवाददाता। बैंकों में नब्बे की दशक और मौजूदा तकनीक में काफी अंतर है। नब्बे के दशक के समय सभी काम हाथ से करने पड़ते थे। जो अब मशीनों की मदद से किए जा रहे हैं। अगले दशक में टेक्नोलॉजी का और विस्तार होगा। बैंकिंग क्षेत्र में भी एआई का इस्तेमाल किया जा सकता है। जिससे बैंकिंग काम-काज में काफी सहूलियत होगी। पर यह बैंकिंग व्यवस्था कभी खत्म होने वाली नहीं है। बैंकिंग व्यवस्था हमेशा रहेगी। यह बातें शुक्रवार को भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से 'अगले दशक में बैंकिंग और केंद्रीय बैंकिंग' विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में बैंक से जुड़े विशेषज्ञों ने कही। होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित इस परिचर्चा में आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने बैंकिंग क्षेत्र की डिजिटल परिवर्तन, वित्तीय साक्षरता और संसाधन अनुकूलन में उपलब्धिय...
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