नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि केवल तकनीकी खामियों के आधार पर रेल हादसों में मुआवजे के वैध दावे को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने यह टिप्पणी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और रेलवे दावा न्यायाधिकरण, भोपाल के उस आदेश को रद्द करते हुए की, जिसमें कथित रेल दुर्घटना में मारे गए एक व्यक्ति की पत्नी और बेटे को मुआवजा देने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि रेलवे अधिनियम की धारा 124-ए के तहत कार्यवाही कोई आपराधिक मुकदमा नहीं है जिसमें उचित संदेह से परे सबूत की जरूरत हो। रेलवे अधिनियम की धारा 124ए दुर्घटनाओं से संबधित मुआवजे को लेकर है। पीठ ने कहा कि केवल तकनीकी अनियमितताओं या प्रक्रिया में खामियों के कारण कल्याणकारी कानून, जैसे रे...
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