वाराणसी, जनवरी 1 -- वाराणसी, हिटी। सिविल जज (सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक) भावना भारती की कोर्ट में गुरुवार को ज्ञानवापी से जुड़े 1991 के मुकदमे में वादमित्र हटाने की खारिज हो चुकी अर्जी में संशोधन के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। वादमित्र ने निगरानी अर्जी खारिज किए जाने से संबंधित आदेश की प्रति दाखिल की। वहीं, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति दाखिल की। वक्फ बोर्ड की तरफ से अधिवक्ता मो. तौहीद खान ने कोर्ट से ज्ञानवापी से जुड़े सभी मुकदमों में अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर वादमित्र ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सिर्फ मौखिक दलील से वाद की कार्रवाई पर रोक नहीं लग सकती है। लिखित अर्जी दें ताकि सुनवाई हो सके। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 5 जनवरी की तिथि तय की है। हरिहर पांडेय के निधन के बाद उनकी तीन बेटियो...