नई दिल्ली, फरवरी 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह एक जनहित याचिका को अभ्यावेदन के रूप में माने और अधिक चुनावी खर्च पर अंकुश लगाने को अपनी मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में शामिल करने के लिए सुझावों पर विचार करे। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने टिप्पणी की कि अदालत अत्यधिक चुनावी खर्च पर तीसरे पक्ष की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं कर सकती क्योंकि निर्वाचन आयोग ने भी इसे चुनौती दी है। हालांकि, इसने कहा कि आईआईटी स्नातक याचिकाकर्ता प्रभाकर देशपांडे द्वारा दिए गए सुझाव 'विचार करने योग्य' हैं। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हमें इस बात पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है कि याचिका व्यापक जनहित में दायर की गई है। याचिका में निर्वाचन आयोग से अत्यधिक चुनावी खर्च पर...