नई दिल्ली, जनवरी 12 -- जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनके पति को हिरासत में लेने वाले अधिकारियों ने विवेक का इस्तेमाल नहीं किया और अप्रासंगिक सामग्री पर भरोसा जताया। गीतांजलि ने शीर्ष अदालत को बताया कि वांगचुक को वे चार वीडियो नहीं उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके आधार पर अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया था। उन्होंने इसे प्रभावी प्रतिनिधित्व के वांगचुक के अधिकार का उल्लंघन बताया। गीतांजलि की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी. वराले की पीठ से कहा कि वीडियो उपलब्ध न कराया जाना, सलाहकार बोर्ड के साथ-साथ सरकार के समक्ष प्रभावी प्रतिनिधित्व करने के वांगचुक के अधिकार का उल्लंघन है। मामले की सुनवाई 13 जनवरी को जार...