नई दिल्ली, फरवरी 12 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 'वंदे मातरम्' को लेकर हाल में गाइडलाइन जारी की हैं। गाइडलाइन के तहत जब भी राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' एक साथ गाए या बजाए जाएं तो बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखे गए राष्ट्रगीत के सभी छह छंद पहले गाए जाएं। एआईएमआईएम दिल्ली के अध्यक्ष शोएब जमई ने नई गाइडलाइन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि मुसलमानों की गर्दन पर छुरी रखकर वंदे मातरम नहीं कहलवा सकते। जमई ने पीटीआई से बातचीत में कहा 'ये पूरी तरह से तानाशाही है। सरकार इसके जरिए अत्याचार कर रही है। आखिर कहां लिखा है कि 'वंदे मातरम' संविधान का हिस्सा है? यह न तो संविधान का हिस्सा है और न ही राष्ट्रगान है। राष्ट्रगान का सम्मान हर कोई करता है। जहां तक 'वंदे मातरम्' की बात है, तो सैकड़ों मुस्लिम विद्वानों और उलेमाओं न...