नोएडा, नवम्बर 3 -- नोएडा की एक अदालत ने 32 साल पहले हुए मनी ऑर्डर फ्रॉड के मामले में एक रिटायर्ड सब-पोस्टमास्टर को 3 साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर एक साल की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गबन की रकम लौटाने से अपराध खत्म नहीं हो जाता। एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसीजेएम-I) मयंक त्रिपाठी की कोर्ट ने 31 अक्टूबर को यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने हापुड़ के पिलखुवा इलाके के रहने वाले आरोपी रिटायर्ड सब-पोस्टमास्टर को महेंद्र कुमार को आईपीसी की धारा 409 (सरकारी कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दोषी ठहराया था।सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला कोर्ट ने राम शंकर पटनायक बनाम उड़ीसा राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट क...