जबलपुर, अक्टूबर 18 -- हाल ही में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में बढ़ती जातिगत हिंसा और भेदभावपूर्ण घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा कि यदि जातिगत अभिमान को अनियंत्रित छोड़ दिया गया, तो डेढ़ सदी के भीतर "हिंदू कहलाने वाले लोग आपस में लड़ते हुए खत्म हो जाएंगे।" यह टिप्पणी जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने दमोह जिले की 11 अक्टूबर की एक घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए की। इस घटना में एक ओबीसी समुदाय के व्यक्ति को कथित तौर पर ऊंची जाति के ग्रामीणों ने अपमानित किया और एक व्यक्ति के पैर धोने के लिए मजबूर किया गया। यह घटना कथित तौर पर एक एआई-जनरेटेड मीम शेयर करने के कारण हुई।"आदिवासी व्यक्ति के सिर पर पेशाब किया" कोर्ट ने इस मामले में पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं पर भी सख्त रुख अपनाया और जिला प्रशासन को निर्देश द...
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