रांची, जनवरी 30 -- झारखंड हाईकोर्ट ने साहिबगंज जिले में पहाड़िया जनजाति के कथित उत्पीड़न के मामले को अति गंभीर मान सख्त आदेश दिया है। जस्टिस संजय प्रसाद की कोर्ट ने कहा कि जिले में कुछ लोग कानून को हाथ में लेकर 'समानांतर शासन' चला रहे हैं। हाईकोर्ट ने आरोपी सफीकुल शेख, जलील शेख और काशिम शेख की अग्रिम जमानत खारिज कर दी है। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पहाड़िया समुदाय को तत्काल सुरक्षा और सुविधाएं देने को कहा। एफआईआर के अनुसार 14 मार्च 2025 को साहिबगंज के सिरासिन में पहाड़िया जनजाति के लोग होली मना रहे थे। इसी एक समुदाय के कुछ लोगों ने होली मनाने से रोक दिया। साथ ही इस समुदाय का राशन-पानी बंद करा दिया। आरोप है कि महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों द्वारा यह फरमा...