प्रयागराज, सितम्बर 26 -- प्रयागराज। हिंदी पखवाड़ा के तहत ट्रिपलआईटी झलवा में शुक्रवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। उद्घाटन निदेशक प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने किया। शुरुआत रतलाम से आईं कवयित्री डॉ. सुमित्रा सरल ने अपनी रचना 'कैसे कहूं कि इस नदी में धार नहीं है, कैसे कहूं कि इस कथा में सार नहीं है, तुमने जता दिया है मोहब्बत नहीं तुम्हें, कैसे कहूं कि मुझको तुमसे प्यार नहीं है से की। भोपाल के हास्य रचनाकार धर्मेंद्र सोलंकी ने अपनी पंक्तियों 'नहीं अब डर नहीं लगता है चाहे बम निकल जाए जब, पड़े पाला पुलिस से चार पेटी रम निकल जाए, हमारे देश का हर आदमी इस खौफ में है अब, कहीं ऐसा ना हो घर में ही नीला ड्रम निकल जाए से गुदगुदाया। अखिलेश द्विवेदी ने अपनी रचना 'कोई परिचय नहीं तुमसे मगर सम्बन्ध पक्का है, नहीं टूटे जो अंतिम सांस तक अनुबंध प...
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