नई दिल्ली, जुलाई 5 -- नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आर. एस. चीमा ने शनिवार को दलील दी कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्ति बेचने की कोशिश नहीं कर रही है, बल्कि उस संस्था को बचाने का प्रयास कर रही है। बचाव पक्ष ने दलील दी कि एजेएल स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा थी। अधिवक्ता चीमा ने राउज एवेन्यू स्थित विशेष जज विशाल गोगने की अदालत के समक्ष अपनी दलील पेश की। चीमा ने सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के वकील बता सकते हैं कि वे एजेएल के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) को रखने में क्यों झिझक रहे हैं। एजेएल की स्थापना वर्ष 1937 में जवाहरलाल नेहरू, जे. बी. कृपलानी, रफी अहदम किदवई व अन्य लोगों द्वारा की गई थी। मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन कंपनी अधिनियम ...
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