लखनऊ, फरवरी 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश पुलिस के उस रट-रटाए बहाने पर कड़ा प्रहार किया है, जिसमें अक्सर फुटेज मांगे जाने पर कहा जाता है कि 'कैमरे काम नहीं कर रहे थे'। न्यायमूर्ति अब्दुल मोइन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने इस पर जेम्स बॉन्ड फिल्म के एक मशहूर संवाद का हवाला देते हुए पुलिस की क्लास लगा दी। अदालत ने कहा, "एक बार कुछ होना एक घटना है, दो बार वही होना एक संयोग है, लेकिन यदि तीसरी बार भी वही दोहराया जाए, तो यह निश्चित रूप से दुश्मन की सोची-समझी कार्रवाई है।"तकनीकी खराबी नहीं, 'फिक्शनल स्टोरी' है पुलिस की दलील न्यायालय ने तल्ख लहजे में कहा कि थानों के कैमरों का ठीक उस वक्त खराब हो जाना जब किसी घटना की फुटेज मांगी जाती है, कोई तकनीकी समस्या नहीं बल्कि एक 'काल्पनिक कहानी' (Fictional Story) ज्यादा लगती ह...
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