नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- त्रिपुरा के रहने वाले एंजेलल चकमा का बचपन पिता के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों के बीएसएफ कैंपों में बीत गया। चकमा के पिता बीएसएफ में हेड कॉन्स्टेबल हैं। चकमा चाहते थे कि जब वह अपने पैरों पर खड़े हो जाएं तो उनका परिवार त्रिपुरा लौट जाए और सुकून से अपने पैतृक स्थान पर रहे। हालांकि चकमा को अभी नौकरी मिली ही थी कि उनकी हत्या कर दी गई। चकमा के परिवार का कहना है कि बार-बार ट्रांसफर की वजह से चकमा को हर जगह रहने की आदत हो गई थी। वह बड़ी आसानी से हर गह शेटल हो जाते थे। लोगों से दोस्ती करने में आगे चकमा विरले ही किसी से बहस करते थे। चकमा की बातें याद कर उनके पिता भावुक हो जाते हैं। आज एंजेल चकमा दुनिया में नहीं हैं। कुच लोगों ने उनकी केवल इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वह उनके जैसा नहीं दिखते थे। एक पार्टी के दौरान कुछ लोगों ने उ...
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