रांची, फरवरी 21 -- रांची, विशेष संवाददाता। नगर निकाय चुनाव के अंतिम चरण में पहुंचते ही वार्डों में चुनावी रणनीति नये मोड़ पर आ गई है। प्रत्याशी अब विकास, कामकाज व वादों से इतर अपने-अपने जातीय समीकरणों को साधने में जुट गए हैं। हर वार्ड में प्रत्याशी अपने जाति समूहों के साथ गोलबंद होकर बैठकें कर रहे हैं और समर्थन पक्का करने की जुगत भिड़ा रहे हैं। डोर-टू-डोर अभियान में भी प्रत्याशी पहले स्वजातीय मतदाताओं के द्वार को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में निकाय चुनाव का माहौल जातीय रंग लेने लगा है। हालांकि इस रणनीति का उल्टा असर भी दिखने लगा है। कई वार्डों में अन्य जातियों के मतदाता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। इससे नाराजगी की चर्चा गर्म है। इस नाराजगी के चलते अब कई वार्डों में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। मतदाता आपस में बैठकर जाति बनाम काम की बह...
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