नई दिल्ली, मई 13 -- आज ज्येष्ठ मास का पहला मंगलवार है। सूर्य के वृष राशि में आने पर ज्येष्ठ मास शुरू होता है। ज्येष्ठ का अर्थ है- बड़ा और इस मास में दिन बड़े होते हैं। ज्येष्ठ मास का स्वामी मंगल है, जो अग्निकारक है इसलिए इस मास में भीषण गर्मी पड़ती है। इस कारण इस माह में जल का विशेष महत्व है। चाहे वह जल-बचाव के रूप में हो या जल-दान के रूप में। इस माह में जल से जुड़े दो विशेष पर्व आते हैं- गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी। इन पर्वों पर पानी से भरा घड़ा, पंखा, छाता, जूते-चप्पल आदि का दान करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है। इसी प्रकार ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार को 'बड़ा' मंगल या 'बुढ़वा' मंगल भी कहा जाता है। इसके पीछे दो पौराणिक कथाओं का जिक्र मिलता है। एक कथा के अनुसार ज्येष्ठ मास के मंगलवार को भगवान राम वन में सीता को खोजते हुए पहली बार...
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