उन्नाव, फरवरी 13 -- उन्नाव। सालाना 180 करोड़ का कारोबार करने वाला उन्नाव का किराना कारोबार कई दिक्कतों से बेहाल है। साफ-सफाई और पानी की व्यवस्था नहीं तो यूरिनल और शौचालय की सुविधा भी नदारद है। इसके अलावा आए दिन लगने वाले जाम से भी दुकानदारी पर असर पड़ रहा है। बाजार में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं होता है। प्यास बुझाने तक के लिए जेब से रुपये खर्च कर बोतलबंद पानी लेना पड़ता है। किराना कारोबारियों ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से अपनी पीड़ा साझा की। सभी ने एक सुर में कहा कि यदि जाम और इंस्पेक्टर राज से निजात मिल जाए तो उनका धंधा फिर उड़ान भर सकता है। शहर का कोई भी चौराहा ऐसा नहीं है, जहां किराने की दुकान न हो। बड़े चौराहे, छोटे चौराहे, स्टेशन रोड, सिविल लाइंस के अलावा शहर के तमाम इलाकों में किरानें...
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