नवादा, जनवरी 19 -- रजौली। राजेश कुमार नवादा जिला अंतर्गत रजौली प्रखंड का वन क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, लेकिन इसी हरियाली के बीच सवैयाटांड़ पंचायत के सैकड़ों परिवार बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार की नल-जल योजना और पेयजल निश्चय के दावों के बीच, पंचायत के झलकडीहा और सिमरातरी गांव में स्थापित जल मीनारें पिछले कई वर्षों से सफेद हाथी साबित हो रही हैं। लाखों रुपये की सरकारी राशि खर्च कर बनाई गई ये संरचनाएं आज धरातल पर केवल एक निर्जीव वस्तु की शोभा बनकर रह गई हैं। अब सबकी निगाहें विभागीय आश्वासन पर ही टिक कर रह गयी हैं कि कितनी जल्दी आश्वासन हकीकत में बदलता है। सवैयाटांड़ के ग्रामीणों को इस साल गर्मी में घर के नल से पानी मिलेगा, या उन्हें फिर से जंगली नालों की धूल फांकनी पड़ेगी, यह सवाल उन्हें मथ रहा है। प्रशासन...
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