चतरा, दिसम्बर 5 -- लावालौंग, प्रतिनिधि। प्रखंड के होसीर गांव में बुनियादी सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की कठिनाइयों को उजागर कर दिया है। शुक्रवार को आदिम जनजाति (परहिया) समुदाय की महिला गुड़िया देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन और स्वास्थ्यकर्मियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ममता वाहन पहुँच पाना असंभव था। जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। ऐसे समय में ममता वाहन चालक मो इस्तियाक और सहिया रमी कुमारी ने अदम्य साहस और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए प्रसूता को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाने की जिम्मेदारी खुद उठाई। उन्होंने बिना किसी साधन के गुड़िया देवी को कंधे पर टांग कर लगभग एक किलोमीटर पैदल, पथरीले और ऊबड़-खाबड़ रास्ते से नीचे खड़े ममता वाहन तक पहुंचाया। यह प्रयास न सिर्फ प्रशंसनीय था बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों ...