गया, फरवरी 24 -- पर्व-त्योहार से पहले ही शहर में खाने-पीने की वस्तुओं की जांच होती है। खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से प्रतिष्ठानों से संदिग्ध सामग्री के नमूने लिए जाते हैं। नमूनों को जांच के लिए पटना में स्थित सूबे के एकमात्र प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट काफी विलंब आती है। जांच रिपोर्ट आते-आते दूसरा पर्व आ जाता है। ऐसे में समय पर जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं हो पाती है। होली को लेकर दो दिन पहले सोमवार को पुरानी गोदाम इलाके की पांच दुकानों से सरसों तेल,रिफाइन, ड्राई फ्रुट्स आदि के सेम्पल लिए गए। नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। होली में मिलावटी सामान बेचे जाने की खूब रहती है आशंका होली यानी मुख्य रूप रंग-गुलाल और खाने का त्योहार है। इसी तरह दीपावली। इन दो प्रमुख मौकों पर खाने-पीने के सामान में मिलावट या कम गुणवत्ता वाली सामा...