सहरसा, मार्च 14 -- महिषी एक संवाददाता। मिथिला में राम खेलत होली ... जैसे पारम्परिक होली गीतों से गुंजायमान प्रखण्ड के महिषी गांव में होली के प्रथम दिन गुरुवार को ग्रामीणों ने धूरा धूरखेल का जमकर आनन्द उठाया। वही शुक्रवार को रंग गुलाल का त्योहार होली का आनन्द उठाने की तैयारी को अंतिम रुप देने में व्यस्त हो गए हैं। होली के प्रथम दिन लोगों ने अलग अलग टोलियां बनाकर धूरखेल खेला। धुरखेल के मौके पर लोगों ने एक दूसरे को मिट्टी, कीचड़ लगा होली का शुभकामना दिया। रास्ते से आने जाने वाले राहगीरों को भी लोगों द्वारा धूल और कीचड़ दिया जा रहा था। स्थानीय कीर्त्तन मण्डली द्वारा होली के पारंपरिक लोक गीत के साथ बज रहे ढोल, मृदंग व झाल के धुनों पर बच्चे, बूढ़े सहित जवान मिलकर थिरकते ग्रामीणों के दरवाजे पर जाकर धूरखेल का मुबारकबाद देते देखे गए। इस मौके पर छोटों...
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