लखनऊ, फरवरी 19 -- इस बार होलिका दहन और रंगोत्सव में एक दिन का अंतर आ रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार होलिका दहन पर भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। इसलिए होलिका दहन दो मार्च को होगा, जबकि भद्रा और चंद्रग्रहण लगने वजह से तीन मार्च को होली नहीं खेली जाएगी। चार मार्च हो होली खेलना ही शुभ माना जा रहा है। ज्योतिर्विद डॉ. पं. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि, होलिका दहन के लिए उत्तम मानी जाती है। यदि भद्रा रहित, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा का अभाव हो परंतु भद्रा मध्य रात्रि से पहले ही समाप्त हो जाए तो प्रदोष के बाद जब भद्रा समाप्त हो, शास्त्रों के अनुसार तब होलिका दहन करना चाहिए। यदि भद्रा मध्य रात्रि तक व्याप्त हो तो ऐसी परिस्थिति में भद्रा पुच्छ के दौरान होलिका दहन किया जा सकता है। परंतु भद्रा मु...