अमरोहा, मार्च 10 -- गांवों में होली में जलाने के लिए बड़े पैमाने पर गोबर की गुलरियां तैयार की गई हैं। बच्चे खुशी-खुशी गुलरियां बनाने के बाद इन्हें धूप में सुखा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि वर्षों पहले हरे पेड़ काटकर होली में जलाए जाते थे। इससे पेड़-पौधे नष्ट होने के संग प्रदूषण भी बढ़ रहा था। इस संबंध में सरकार के संग स्थानीय संस्थाओं द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। पिछले वर्ष नगर की एक संस्था द्वारा शहर से लेकर गांव तक जन संपर्क करते हुए होली पर पेड़-पौधों की जगह गोबर की गुलरियां तैयार कर जलाने की अपील की गई थी। इस बार इसका परिणाम मिलता दिखाई दे रहा है। हथियाखेड़ा निवासी चंद्रपाल सिंह का कहना है कि इस बार गुलरियां बनाने को लेकर बच्चों में उत्साह देखा जा रहा है। तमाम घरों में गुलरियां तैयार की गई हैं। अब बच्चे इन्हें होली में ज...
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