नई दिल्ली, फरवरी 3 -- हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास की शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक के 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। यह अवधि होली से ठीक पहले आती है और इसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान प्रकृति में विशेष ऊर्जा का संचार होता है, लेकिन यह समय शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित होता है। शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक में किए गए शुभ कार्यों का फल नहीं मिलता, बल्कि उल्टे कष्ट, बाधाएं और जीवन में अशांति आ सकती है। अगर आप होलाष्टक में गलती से भी कुछ विशेष कार्य कर लेते हैं, तो सुख-शांति वाला जीवन भी बर्बाद हो सकता है। आइए जानते हैं होलाष्टक में किन 5 कामों से बचना चाहिए।होलाष्टक क्या है और क्यों अशुभ माना जाता है होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलता है। इस दौरान होली की तैयारी होती है, लेकिन यह समय अशुभ माना जाता है क्योंकि...