मुजफ्फर नगर, अक्टूबर 1 -- होम्योपैथिक चिकित्सा की तरफ मरीजों को रूझान पिछले वर्ष में तेजी से बढ़ा है, लेकिन जिले में चिकित्सकों की कमी मरीजों के उपचार में बाधा बन रही है। जिला मुख्यालय के चिकित्सालय पर पिछले कई वर्षों से चिकित्सक की स्थाई तैनाती नहीं है। अन्य केंद्रों की दो-दो दिन ड्यूटी लगाकर वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। इसका असर ओपीडी पर भी पड़ रहा है। मुजफ्फरनगर में होम्योपैथिक विभाग के 15 अस्पताल है। देहात क्षेत्रों के जडौदा केंद्र को छोड़कर सभी जगह नियमित चिकित्सक की तैनाती है, लेकिन जिला अस्पताल में मुख्यालय का अस्पताल पिछले कई वर्षों से चिकित्सक विहीन है। मुख्यालय होने के चलते अधिक मरीजों की संख्या को देखते हुए केंद्रों के चिकित्सकों को दो-दो दिन ड्यूटी लगी हुई है, लेकिन इसका विपरित असर यह है कि हर दिन चिकित्सक बदलने क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.