गिरडीह, दिसम्बर 8 -- गांडेय, प्रतिनिधि। गांडेय प्रखंड के बड़कीटांड़ पंचायत के बड़कीटांड़ निवासी प्रख्यात होड़ोपैथी चिकित्सक स्व. पी पी हेम्ब्रम की प्रेरणा से उनके एक वनरक्षी शिष्य विष्णु किस्कू जंगलों से विलुप्त हो रही जड़ी - बुटियों की रक्षा करने का बीड़ा उठाया है। वर्तमान समय में वे वनों की सुरक्षा के साथ विलुप्त हो रहे दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटी के संरक्षण व संवर्धन समेत पर्यावरण संरक्षण व औषधीय पौधों के प्रति महिलाओं को जागरूक भी कर रहे हैं। उनके इस अथक प्रयास से कम समय में ही चपरा वन हरा-भरा हो गया है। इस विषय में विष्णु किस्कु ने बताया कि दुनिया में आदिवासी ही प्रकृति पुत्र के रूप में जंगल, पहाड़, नदियों-झरनों के आसपास वास करते हैं। प्रकृति की गोद में पलने वाले आदिवासियों को जल, जंगल और जमीन से काफी लगाव है। विष्णु किस्कू बताते हैं कि वनर...