श्रीनगर, दिसम्बर 2 -- हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र (हैप्रेक) और उद्योगिनी संस्था ने उत्तराखंड की विलुप्तप्राय हिमालयी जड़ी-बूटियों को बचाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। एमओयू ऊँचाई वाले क्षेत्रों से विलुप्त होती जा रही जड़ी-बूटी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार उत्तराखंड के बुग्याल विश्व में अद्वितीय जैव-विविधता वाले क्षेत्र हैं, लेकिन जलवायु परिवर्तन, मानव दखल और अवैज्ञानिक दोहन ने इन क्षेत्रों को गंभीर संकट में डाल दिया है। ऐसे में संकटग्रस्त औषधीय पादप के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हैप्रेक संस्थान और उद्योगिनी संस्था मिलकर कार्य करेगी। एमओयू साइन के दौरान हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र अनेक औषधीय एवं सुगंधित प...