श्रीनगर, दिसम्बर 13 -- हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के उच्च शिखरीय पादप कार्यिकी शोध केंद्र ने हिमालयी क्षेत्र के किसानों की आजीविका को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार द्वारा प्रायोजित परियोजना के तहत हैप्रेक ने चमोली जिले के सीतेल, नन्दानगर स्थित नेचर ऑर्गेनिक सोसाइटी के साथ मिलकर एक विशेष समीट सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। हैप्रेक के निदेशक डॉ. विजयकांत पुरोहित ने बताया कि एक दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिमालयी क्षेत्रों में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सशक्त बनाना था।विशेष रूप से उन किसानों के लिए जो औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती और व्यापार से...