मधुबनी, जनवरी 21 -- झंझारपुर। झंझारपुर में चीता और हिरण की खाल तस्करी मामले में वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। आरोपियों को सख्त सजा दिलाने और अदालत में अपना पक्ष मजबूत करने के लिए वन विभाग अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रहा है। इसी क्रम में जब्त खाल के टुकड़ों को विशेष जांच के लिए हैदराबाद स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। कांड के अनुसंधानक व रेंजर अर्जुन प्रसाद गुप्ता ने बताया कि हैदराबाद लैब से आनेवाली जांच रिपोर्ट इस केस में 'गेम चेंजर' साबित होगी। कानूनी प्रावधानों के तहत वन्यजीवों के अंगों या खाल की पुष्टि के लिए हैदराबाद लैब की रिपोर्ट को विश्वसनीय माना जाता है। यह रिपोर्ट अदालत में आरोपियों के खिलाफ दोष सिद्ध करने में पुख्ता साक्ष्य बनेगी। अधिकारी ने दावा किया कि छापेमारी से लेकर अब तक की गई सभी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत पूर...