एटा, दिसम्बर 26 -- जिले की सड़कों पर इन दिनों सफर करना किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। यह खतरा केवल तेज रफ्तार का नहीं, बल्कि उन कान फाड़ू आवाजों का है, जो नियमों को ताक पर रखकर प्रेशर हॉर्न के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न का शोर इस कदर बढ़ गया है कि राहगीरों, खासकर बुजुर्गों और बच्चों का सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। सड़कों पर चलते समय अचानक प्रेशर हॉर्न का तीखा खोर बजने से दोपहिया वाहन चालक कांप रहे हैं। जबकि कमजोर हृदय वाले लोगों के अलावा बच्चे, बुजुर्ग एवं महिलाएं घबरा रहे हैं। वाहनों के प्रेशर हॉर्न का विपरीत असर सर्वाधिक हार्ट संबंधी मरीजों पर पड़ रहा है। जबकि सड़कों पर पैदल चलने वाले बुजुर्ग और बच्चे बुरी तरह चौंक रहे है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रेशर हॉर्न से निकलने वाली ध्वनि की त...