संतकबीरनगर, नवम्बर 14 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। जिले की 23 लाख की आबादी के इलाज का जिम्मा उठा रहे जिला अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज के लिए मुकम्मल व्यवव्स्था नहीं है। जिले का गठन हुए 25 वर्ष से अधिक समय बीत गया, लेकिन यहां के हृदय रोगियों को इलाज के लिए पहले भी गैर जिलों को जाना पड़ता था और अब भी। जिला अस्पताल में हृदय रोगियों का केवल प्राथमिक उपचार ही किया जाता है। उसके बाद उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल की स्थापना हुए एक दशक का समय समाप्ति की ओर है। फिर भी यहां पर न तो कार्डियोलाजी विभाग है और न ही यहां पर मरीजों को भर्ती करने के लिए वार्ड बनाया गया है। हृदय रोगियों के हाईटेक बेड और वेंटिलेटर कीजरूरत होती हैं। ताकि मरीज का पल्स और हृदय की गति को आसानी से जाना जा सके। ठंडक में हृदयाघात होने की आशंका...