मुजफ्फरपुर, जनवरी 12 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। श्री दुर्गा स्थान मंदिर गोला रोड में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन रविवार को व्यासपीठ से कथा वाचक बाल संत पीयूष गिरि ने कंस के कारागार में भगवान कृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया। कहा कि जब हृदय में वासुदेव रूप परमात्मा का आविर्भाव होता है तो सभी बेड़ियां अपने आप खुल जाती हैं। वासुदेव ने नवजात कृष्ण को कितनी मुश्किल से अंधेरी रात और नदी पार कर गोकुल में नंद बाबा के यहां पहुंचाया। उन्होंने कथा में भक्त प्रहलाद के चरित्र का भी विस्तार से वर्णन किया गया। कहा कि यदि बाल्य काल में ही ज्ञान की प्राप्ति हो तो सहज में ही परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने कथा में गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, दुर्वासा मुनि का इंद्र को श्राप, महाराज बलि की कथा और भगवान के मत्स्य अवतार की कथा सुना...