कन्नौज, नवम्बर 27 -- छिबरामऊ। एसआईआर के कार्य का इतना अधिक दबाव है कि ज्यादातर लोग समय से काम पूरा करने के दबाव के चलते उनकी हालत खराब हो रही है। खासतौर से इस कार्य में उन महिलाओं को ज्यादा दिक्कत आ रही है जिन आशाओं को बीएलओ के रूप में लगाया गया है। ऐसी ही एक आशा बीएलओ की हालत दो दिन पहले बिगड़ गई। उसे मेडिकल कालेज तिर्वा से रेफर कर दिया गया। परिजनों ने उन्हें हृदयरोग संस्थान कानपुर में भर्ती कराया है। प्रेमपुर की रहने वाली राजेंद्री देवी आशा कार्यकत्री हैं। उन्हें बूथ संख्या 35 का बीएलओ बनाया गया था। बीएलओ बनने के बाद उन्होंने ड्यूटी लेते समय अधिकारियों को अपने कम पढ़े-लिखे होने की मजबूरी बताई थी। इसके बाद भी उनकी ड्यूटी नहीं काटी गई। उधर, एसआईआर को लेकर बढ़ रहे दबाव और काम की अधिकता का बोझ कम पढ़े-लिखे होने के चलते नहीं झेल सकीं। जिसकी ...
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