अमरोहा, जुलाई 5 -- नगर में आठवें मोहर्रम को भी मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। शुक्रवार को मरहूम गुलाम मेहंदी बाकरी के आवास पर मजलिस हुई, जिसमें सोजखुवानी रियाजुल हसन और हमनवा ने की। मजलिस को ईरान से तशरीफ लाए मौलाना मुताहिर हुसैन रिजवी ने खिताब करते हुए कहा कि रसूल के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने 71 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में अजीम शहादत पेश की। कयामत तक के लिए हुसैन का नाम बाकी रहेगा जबकि, यजीद का नाम लेने वाला दुनिया में कोई नहीं है। मौला हुसैन ने सिर कटा दिया मगर जालिम यजीद के आगे सिर नहीं झुकाया। इमाम हुसैन हक पर थे। जीत हमेशा हक सच्चाई की होती है। कर्बला में हुसैन जीत गए और यजीद हार गया। मौलाना ने जब कर्बला वालों की दर्दनाक मुसीबतों का जिक्र किया तो अजादार खूब रोए।
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